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Cotton Crop: किसानों के लिए आसमान से बरसी आफत, 61 हजार हेक्टेयर में नरमे की फसल पूरी तरह खराब

Anil Biret
3 Min Read

Cotton Crop Damage: मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण 30 साल में पहली बार मई के महीने में मानसून (Monsoon) जैसा मौसम देखने को मिल रहा है. पिछले दो दिनों से चली आंधी, बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) से तापमान में भी 10 डिग्री की गिरावट आई है। ओले और बिजली गिरने से नरमा की फसल (Cotton Crop) को भारी नुकसान हुआ है।

कृषि विभाग (Agriculture Department) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में, 61,118 हेक्टेयर खड़ी नरम लकड़ी की फसलों को 10 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक नुकसान (Cotton Crop Damage) हुआ है। इस बेमौसम ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग (Weather Department) के आंकड़ों के मुताबिक पूरे जिले में 232.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. यानी औसतन 15 मिमी बारिश हुई। कई जगहों पर ओलावृष्टि से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

विशेष रूप से, मई में औसत तापमान 42 डिग्री सेल्सियस (Temperature) या उससे अधिक है। हालांकि इस साल सबसे ज्यादा तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण मई माह में सबसे सर्द रात भी देखी गई। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। मौसम विभाग ने हाल ही में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार 27 मई को भी बीकानेर(Bikaner) , जयपुर (Jaipur), भरतपुर (Bhartpur), अजमेर (Ajmer), कोटा संभाग के जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. आपको बता दें कि बीते दिन शहर में हुए बदलाव ने सावन जैसी ठंड का अहसास कराया.

Haryana के इन जिलों में आज फिर तेज आंधी के साथ बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

जिले में नरमा की फसल (Cotton Crop ) को भारी नुकसान, विभाग ने आयुक्तालय कृषि को भेजी रिपोर्ट

ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी ने नरमा की फसल (Cotton Crop) को भारी नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग Agriculture Department) द्वारा कराए गए सर्वे में जिले में 61 हजार 118 हेक्टेयर में फसल खराब हुई है। कृषि विभाग द्वारा कराए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण के अनुसार हनुमानगढ़ तहसील (Hanumangarh Distt) के 15 हजार 544 हेक्टेयर में 10 से 100 प्रतिशत, तिब्बी तहसील के 20 हजार 670 हेक्टेयर में 20 से 100 प्रतिशत, संगरिया में 9 हजार 924 हेक्टेयर में 20 से 100 प्रतिशत. पीलीबंगा में 6 हजार 365 हेक्टेयर में 20 से 100 प्रतिशत, रावतसर तहसील में 5500 हेक्टेयर में 30 से 100 प्रतिशत और पल्लू क्षेत्र में 325 हेक्टेयर में 100 प्रतिशत और नोहर तहसील में 2590 हेक्टेयर में 20 से 100 प्रतिशत। विभाग की ओर से खराबी की रिपोर्ट कृषि आयुक्तालय जयपुर को भेज दी गई है।

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