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BJP’s new CM has been announced in Rajasthan

Anil Biret
2 Min Read

राजस्थान के CM के लिए भजनलाल शर्मा का नाम प्रस्तावित करने के पीछे भारतीय जनता पार्टी की क्या गणित रही ? आखिर किस तरह बीजेपी उन्हें राजस्थान के जातिगत ढांचे में फिट मानती है

भजनलाल शर्मा को सर्वसम्मत से पार्टी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए नामित किया है. पार्टी के इस चयन पर चौतरफा सवाल हो रहे हैं कि आखिर भजनलाल के चुनाव से किस तरह पार्टी का हित हो रहा है? बड़े धुरंधरों के नाम के बजाय भजनलाल शर्मा के नाम पर पार्टी आलाकमान को क्या ऐसा दिखा? कुछ का कहना है कि जातिगत आधार पर भी देखा जाए तो भजनलाल की जाति ब्राह्मण राजस्थान की राजनीति में उतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि अन्य जातियां. पर भारतीय जनता पार्टी में यह समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जिनके पिछले 10 सालों में लिए गए कोई भी राजनीतिक निर्णय असफलता की भेंट नहीं चढ़ें हैं. तो आइये देखते हैं कि बीजेपी के राजनीतिक कैलकुलेशन में किस तरह भजनलाल ही फिट बैठे जबकि अन्य लोग मिसफिट हो गए.

राजस्थान म जतिया का वावयता

राजस्थान में किसी एक या 2 जाति को डॉमिनेंट कास्ट के रूप में नहीं मान सकते हैं. यहां पर राजपूत, जाट, गुर्जर और मीणा सभी डॉमिनेंट जातियां हैं. स्वभाविक है कि इन चारों का एक दूसरे को लेकर भयंकर प्रतिस्पर्धा का भाव रहता है. राजपूत सीएम बन जाए तो जाट की नाराजगी, गुर्जर सीएम बन जाए मीणा की नाराजगी तय है. यहां तक की अगर एक पार्टी को एक डॉमिनेंट जाति वोट दे रही है तो निश्चित रूप से दूसरी प्रतिस्पर्धी जाति का वोट उस पार्टी को नहीं मिलना है. इस तरह बीजेपी ने ब्राह्मण का चुनाव कर सेफ गेम खेला है. क्योंकि ब्राह्मणों की प्रतिस्पर्धा कम से कम राजस्थान में किसी दूसरी जाति से तो बिल्कुल भी नहीं है.

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