Pink Potato: गुलाबी आलू की खेती से किसान हो रहे मालामाल, जानिए प्रति एकड़ कितना आता है खर्च और कितनी होती है कमाई

Kumar Sandeep
Kumar Sandeep  - Editor
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SSO Rajasthan, Pink Potato: आलू भारतीय रसोई की सब्जी में सबसे अहम हिस्सा है। आलू का इस्तेमाल कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है. किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं। बाजार में इन दिनों गुलाबी आलू की मांग काफी बढ़ गई है। इस आलू का वैज्ञानिक नाम बड़ा आलू 72 है।

बाजार में गुलाबी आलू की मांग बढ़ गई है

गुलाबी आलू नियमित आलू की तुलना में अधिक पौष्टिक माने जाते हैं। इसमें सामान्य आलू की तुलना में कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च कम होता है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। साथ ही, इस प्रजाति को लंबे समय तक सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जा सकता है। बाजार में इस आलू की मांग बढ़ रही है। मांग बढ़ने के साथ ही किसानों का मुनाफा भी बढ़ने लगा है।

80 दिनों में बंपर पैदावार

गुलाबी आलू की खेती मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में भी बड़े पैमाने पर की जाती है। यह आलू सिर्फ 80 दिन में बनकर तैयार हो जाता है। इसकी उत्पादन क्षमता 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार गुलाबी आलू में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। अत: अगेती झुलसा रोग, पछेती झुलसा रोग, आलू पत्ता लपेट रोग आदि। इसमें विषाणु जनित रोग प्रकट नहीं होते हैं। बीमारी नहीं होने से किसानों की लागत कम हुई है और मुनाफा भी बढ़ा है।

ये आलू देखने में आकर्षक लगते हैं

गुलाबी रंग का यह आलू देखने में बहुत ही चमकीला और आकर्षक लगता है। इसके रंग और आकार के कारण लोग इसकी ओर आकर्षित होते हैं। बाजार में इस आलू का रेट सामान्य से ज्यादा है। अगर आप इस आलू की अच्छे तरीके से खेती करते हैं तो आपको सिर्फ 80 दिनों में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है।

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मेरा नाम संदीप कुमार है. मैं हरियाणा का निवासी हूं. मैंने स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर ली है. वर्तमान में मै SSORajasthan.in पर बतौर लेखक के रूप में कार्य कर रहा हूं. मै सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीम, एजुकेशन और लाइफ स्टाइल से जुड़े विभिन्न कंटेंट जितनी जल्द हो सके पाठको तक पहुंचाने की कोशिश करता हूँ.
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